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मानसून 2021 : मूसलाधार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा, पिथौरागढ़-घाट एनएच खुला और बदरीनाथ हाईवे बंद

Fri, 18 Jun 2021 06:20 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट, छोटी नदियों, नालों के पास रहने वालों को किया सावधान। चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा व ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश के आसार।
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पिथौरागढ़-घाट एनएच आज तीसरे दिन भी बंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य के पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत जैसे जिलों में शुक्रवार को बहुत भारी बारिश की संभावना है। जबकि, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा व ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश के आसार हैं। इसके मद्देनजर मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। 

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पिथौरागढ़-घाट हाइवे: 46 घंटे बाद भी नहीं खुली सड़क, चीन सीमा को जोड़ने वाला रास्ता भी बंद

मौसम विभाग की ओर से चेतावनी जारी की गई है कि इन जिलों में छोटी नदियों, नालों के समीप रहने वाले लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। इतना ही नहीं मौसम विभाग के मुताबिक मौसम के बदले मिजाज के चलते राज्य के मैदानी इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के चलने की भी संभावना जताई गई है। वहीं, देहरादून समेत कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने के साथ ही तेज बौछार पड़ने की संभावना व्यक्त की है। 
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टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे बंद
वहीं आज शुक्रवार को सुबह से ही दून में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। हल्द्वानी में सुबह से रिमझिम बारिश हो रही है। रूद्रपुर में बारिश रुकी है, बादल छाए हैं। नैनीताल में रात भर वर्षा हुई जो आज सुबह भी जारी रही। लोहाघाट में रात से बारिश जारी है। चंपावत में फिलहाल बारिश नहीं हो रही है। स्वांला-धौन के पास मलबा आने से टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे बंद है। पिथौरागढ़-घाट एनएच चार दिन बाद खुल गया है, लेकिन यहां लगातार पत्थर गिर रहे हैं। 

मूसलाधार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा
गढ़वाल और कुमाऊं में पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने से नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। ऊपरी क्षेत्रों में तेज बारिश से अलकनंदा नदी का जल स्तर बढ़ गया है, इसलिए श्रीनगर जल विद्युत परियोजना झील से पानी छोड़ा जा रहा है। मूसलाधार बारिश से गोरी और काली नदी उफान पर हैं। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क में बंगापनी के पास गोरी नदी सड़क तक पहुंच गई है। पैदल चलने के लिए बीआरओ रास्ता बना रहा है।

बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध
यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी मे रिमझिम बारिश लगी हुई है, यमुनोत्री हाईवे खुला है। नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से रिमझिम बारिश हो रही है। कर्णप्रयाग में रात से बारिश हो रही है। थराली में गुरुवार की रात्रि से शुरू मूसलाधार बारिश शुक्रवार सुबह भी जारी है। भारी बारिश से कई स्थानो पर भूस्खलन की खबर है। मलबा आने के कारण कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। सड़कों में जलभराव से आवाजाही बंद है। वहीं खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हुआ है। नालिया बंद होने से पानी सड़कों के बीचों-बीच बह रहा है। बारिश के चलते बिजली भी गुल हो गई है।

नारायणबगड़ में रात्रि से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी का पानी खतरे के निशान को छूकर बह रहा है। कर्णप्रयाग-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग बगोली-नलगांव के बीच चट्टान खिसकने से अवरुद्ध हो गया है। कर्णप्रयाग-ग्वालदम मार्ग हरमनी में भी अवरुद्ध है और कर्णप्रयाग-गैरसैंण मार्ग सिमली और आदिबदरी में अवरुद्ध हो गया है। रुद्रप्रयाग में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। हाईवे पर यातायात सुचारू है।

चमोली जिले में देर रात से लगातार बारिश हो रही है। घाट क्षेत्र में चुफलागाड का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों और घाट बाजार के लोगों में दहशत बनी हुई है। ऋषिकेश से रूद्रप्रयाग के बीच यातायात सुचारू है। हालांकि बीच-बीच में मलबा आने से बदरीनाथ नेशनल हाईवे अवरुद्ध हो रहा है। ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग नरकोटा के सामने पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण बंद है। भारी बारिश के चलते बदरीनाथ हाईवे तोता घाटी, हेलंग और रडांग बैंड में अवरुद्ध हो गया है। इन जगहों पर हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा आ गया है। बारिश लगातार जारी है, जिससे हाईवे को खोलने का काम भी शुरू नहीं हो पाया है।

झमाझम बारिश से मसूरी का मौसम हुआ खुशनुमा
मौसम का मिजाज बदलने से गुरुवार को मसूरी शहर में झमाझम बारिश हुई। साथ ही कोहरा भी छाया रहा। इसके चलते मौसम काफी खुशनुमा रहा। हालांकि बारिश के चलते शहर में आए सैलानी सैर सपाटा नहीं कर पाए। शहर में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मसूरी में शुक्रवार को भी बारिश हो रही है। यहां कोहरा छाया हुआ है।

भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली मलारी हाईवे खोलने का कार्य शुरू

भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली मलारी हाईवे पर रैणी में ग्रामीणों से वार्ता के बाद बीआरओ ने हाईवे को खोलने का कार्य शुरू कर दिया है। प्रशासन व ग्रामीणों के बीच सफल वार्ता के बाद हाईवे को खोलने का कार्य बीआरओ ने शुरू कर दिया। जिससे सीमा से जुड़े दर्जनों ग्रामीणों के साथ ही सेना का आईटीबीपी को राहत की खबर हैं।

सोमबार तड़के 2 बजे के लगभग मलारी हाईवे पर रैणी के समीप 40 मीटर हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद नए एलाइनमेंट के बाद हाईवे को खोलने का कार्य शुरू किया जाना था। लेकिन जहां से सड़क का निर्माण होना है, उसमें स्थानीय ग्रामीणों की जमीन के साथ ही ग्राम सभा का भवन चपेट में आ रहा था।

गुरुवार को बीआरओ के सड़क कटिंग के बाद गांव की कुछ महिलाओं ने कार्य को रोका था। तहसीलदार चन्द्रशेखर वशिष्ट का कहना है कि प्रशासन की ग्रामीणों से सकारात्मक वार्ता होने के बाद बीआरओ ने फिर से हाईवे को बनाने का कार्य शुरू कर दिया है।

मूसलाधार बारिश से सैकड़ों नाली भूमि बही
भीमताल में रामगढ़ ब्लॉक के सुयालगाड़ में गुरुवार की शाम मूसलाधार बारिश से सैकड़ों नाली कृषि भूमि बह गई। अतिवृष्टि से ग्रामीण सहमे हुए हैं और मलबे में फसल, फल आदि के पेड़ दबकर नष्ट हो गए हैं। गनीमत ये रही कि अतिवृष्टि से कोई जनहानि नहीं हुई है। 

सामाजिक कार्यकर्ता विनोद सुयाल, नितेश सुयाल, भानु सुयाल, धीरज सुयाल, कंचन सुयाल और अभय ने बताया कि ग्राम सभा सुयालगाड़ में एक ही जगह पर मूसलाधार बारिश हुई, जो बादल फटने जैसा ही था। इससे क्षेत्र के किसानों को भारी नुकसान हुआ है। साथ ही किसानों की उपजाऊ भूमि तेज बहाव में बह गई।

पहली बरसात में ही नेपाली फार्म फ्लाईओवर पर बना गड्ढा  
ऋषिकेश में नेपाली फार्म का फ्लाईओवर प्री मानसून की पहली बरसात ही नहीं झेल पाया। फ्लाईओवर पर जलभराव के चलते एक फीट गहरा गड्ढा बन गया। गुरुवार को कार्यदायी संस्था उत्तरप्रदेश सेतू निगम ने आनन फानन में गड्ढे कंक्रीट से भर दिया। फ्लाईओवर में गड्ढे बनने से निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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वीर गंगा उफान पर आने से बहा अस्थायी पैदल पुल

गोपेश्वर की निजमूला घाटी में बुधवार रात को हुई भारी बारिश के कारण वीर गंगा उफान पर आ गई, जिससे दूरस्थ ईराणी गांव को जोड़ने वाला अस्थायी लकड़ी का पैदल पुल बह गया। ऐसे में ग्रामीणों का बाहरी क्षेत्र से संपर्क टूट गया है।

ईराणी गांव में मौजूदा समय में 100 से अधिक परिवार रहते हैं। ग्राम प्रधान मोहन सिंह नेगी ने बताया कि प्रधान मंत्री सड़क योजना की ओर से पगना से ईराणी गांव के लिए सड़क का निर्माण किया जा रहा है। वीर गंगा पर मोटर पुल निर्माण का काम चल रहा है, जिस कारण पैदल झूला पुल पर आवाजाही रोकी गई है।

ग्रामीणों की आवाजाही के लिए वीर गंगा पर लकड़ी का अस्थायी पुल निर्मित किया गया था, लेकिन बीती रात को भारी बारिश से पुल बह गया और ग्रामीणों की आवाजाही ठप पड़ गई। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र क्षेत्र में आवाजाही की व्यवस्था करने की मांग उठाई। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने कहा कि जल्द ही ग्रामीणों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

बारिश से मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त
आदिबदरी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। मूसलाधार बारिश से मज्याडी मल्ली निवासी बलबीर सिंह के मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने एसडीएम गैरसैंण को पत्र भेजकर अपने स्तर से उचित कार्यवाही करने की मांग की। 

थराली-डुंगरी-घाट मार्ग पांच दिनों से बंद
मूसलाधार बारिश से सोल घाटी की लाइफ लाइन कहा जाने वाला थराली-डुंगरी-घाट मार्ग पांच दिनों से बंद है, जिससे 16 गांवों के ग्रामीणों को ब्लॉक और तहसील मुख्यालय तक की 20 किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है।
थराली-डुंगरी-घाट मार्ग 14 जून को प्राणमती पुल और मैन गांव के पास 20 मीटर तक ध्वस्त हो गया था। साथ ही कई स्थानों पर मलबा और पत्थर आने से भी यह मार्ग बंद है। हालांकि पीएमजीएसवाई की 2 जेसीबी सड़क खोलने में लगी हैं, लेकिन जिस रफ्तार से काम हो रहा है। उससे सड़क खुलने में 4 से 5 दिन और लग सकते हैं।
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