गंगोत्री हाईवे भी बुधवार रात से हो रही बारिश के कारण मलबा आने से बंद हो गया है। यहां खनेडा मोटर पुल के पास भूस्खलन होने से मार्ग बंद हो गया है। यहां आसपास के इलाके में मौजूद घरों पर मलबा गिरने का खतरा बना गया है।
गुरुवार को मसूरी के गलोगी धार-देहरादून मार्ग पर पहाड़ी गिरने से मलबा आ गया। लोक निर्माण विभाग ने मौके के लिए जेसीबी भेजी, जिसके बाद मार्ग खोलकर आवाजाही शुरू की गई।
नैनीताल जिले में ज्योलिकोट वीरभट्टी पुल के पास मलबा आने से हाईवे बंद हो गया है। मलबा हटाने के लिये जेसीबी लगाई गई है।
ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवप्रयाग से कौडियाला के बीच जगह-जगह बोल्डर आने से यातायात बंद हो गया है। थाना प्रभारी देवप्रयाग महिपाल रावत ने बताया कि राजमार्ग पर बारिश से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। मुनिकी रेती और कीर्तिनगर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। एम्बुलेंस को जाने दिया जा रहा है। एम्बुलेंस का रास्ता बनाने के लिए पुलिस के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है।
देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, नैनीताल और हरिद्वार जैसे जिलों में भी अगले 24 घंटे बारिश की आशंका है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मैदान से लेकर पहाड़ तक बारिश के साथ ही कई स्थानों पर बिजली गिरने का भी खतरा है। मैदानी क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक समुद्री चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम में आए बदलाव की वजह से उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की आशंका है।
पिछले 24 घंटे से अधिक समय से हो रही लगातार बारिश के चलते भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में जगह-जगह मलबा आने से कैंची और पाडली में मार्ग बंद होने से मार्ग में वाहनों की कतार लग गई।
अल्मोड़ा, रानीखेत, हल्द्वानी की तरफ आने जाने वाले वाहन सवारों को फजीहत का सामना करना पड़ा। कैंची और पाडली में मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही राजस्व निरीक्षक भुवन चन्द्र भंडारी, पवन ध्यानी, ललित मोहन गोस्वामी और एसडीआरएफ की टीम मशीन की मदद से मार्ग खुलवाने में जुटी हुई है।
दूसरी तरफ लगातार बारिश के चलते शिप्रा नदी कई सालों बाद मई के महीने में काफी उफान में आई है।