केदारनाथ में पांच फीट से बर्फ जमी है, जिससे सभी पुनर्निर्माण कार्य ठप हो गए हैं। इधर, जिला मुख्यालय सहित निचले इलाकों में दोपहर बाद बादलों की गर्जना के साथ बारिश हुई।
केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य कर रही वुड स्टोन कंपनी के टीम प्रभारी मनोज सेमवाल ने बताया कि करीब पांच फीट तक बर्फ जम चुकी है। आदिगुरु शंकराचार्य समाधि सहित अन्य निर्माण स्थल बर्फ से ढक चुके हैं। इधर, गरूड़चट्टी में रहने वाले स्वामी ललित रामदास महाराज ने बताया कि केदारपुरी में पिछले पांच दिन से मौसम खराब है, जिससे बर्फबारी हो रही है।
ऊंची चोटियों पर तीन दशक बाद हुआ अप्रैल में हिमपात
करीब तीन दशक से ज्यादा समय बाद चकराता के ऊंचाई वाले इलाकों में अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह में बर्फबारी हुई। मौसम के इस बदले मिजाज से लोग भी हैरान हैं। चकराता क्षेत्र में बीते चार दिनों से मौसम खराब बना हुआ है।
शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे से लोखंडी, देवबन, खडंबा, मंडोली, मोयला टॉप, व्यास शिखर आदि ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने लगी। दोपहर 1 बजे तक रुक-रुक कर पड़ रही बर्फबारी से लोखंडी में 2 इंच व अन्य ऊंची चोटियों पर 3 से 4 इंच बर्फबारी की सूचना है।
वही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से चकराता के तापमान में भारी गिरावट आई है। क्षेत्र पूरी तरह से ठंड की चपेट में आ गया है। क्षेत्र का तापमान 11 डिग्री व न्यूनतम तापमान 5 डिग्री पर आ गया। ठंड से बचने के लिए लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।