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उत्तराखंडः वायरल ऑडियो प्रकरण में हटाये संयुक्त सचिव, ये था पूरा मामला

Thu, 02 Jan 2020 09:50 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • शिक्षा सचिव ने की विभागीय कार्रवाई की सिफारिश
  • एसीएस सचिवालय प्रशासन को भेजा पत्र 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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निजी स्कूल को मान्यता और अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के लिए पैसे के लेनदेन को लेकर वायरल ऑडियो का संज्ञान लेते हुए संयुक्त सचिव माध्यमिक शिक्षा कविंद्र सिंह को पद से हटाया गया।

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सचिव विद्यालयी शिक्षा आर. मीनाक्षी सुंदरम ने इस संबंध में आदेश जारी कर संयुक्त सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश कर अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन को पत्र भेजा है। उधर, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी इस मामले में कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। 

हाल ही में सोशल मीडिया पर निजी स्कूल को मान्यता और अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के लिए पैसों के लेनदेन का ऑडियो वायरल हुआ था। इस ऑडियो में संयुक्त सचिव माध्यमिक शिक्षा और शिक्षा मंत्री के निजी सचिव के बीच लेनदेन की बात बताई जा रही है।
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सोशल मीडिया पर तैर रहे इस ऑडियो पर शासन ने कड़ा संज्ञान लेते हुए संयुक्त सचिव कविंद्र सिंह को माध्यमिक शिक्षा से हटा कर सचिवालय प्रशासन विभाग को सौंप दिया है। शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन को भेजे पत्र में संयुक्त सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की सिफारिश की है।

बता दें कि रुद्रपुर के सामाजिक कार्यकर्ता अनुपम ने निजी स्कूल की मान्यता को लेकर लेनदेन का ऑडियो मुख्यमंत्री को शिकायत के लिए भेजा था। ऑडियो में मान्यता के लिए 50 हजार रुपये देने की बात की जा रही है।

बदनाम करने की साजिश, निष्पक्ष जांच की मांग

विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के निजी सचिव सोमपाल सिंह ने अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन को पत्र भेजे कर सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। बतौर सोमपाल ऑडियो में दो अज्ञात व्यक्ति बात कर रहे हैं।

जबकि लेनदेन में बार-बार उनका नाम लिया जा रहा है। जो उन्हें बदनाम करने की बड़ी साजिश है। ऑडियो में उनका नाम आने से पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है। मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए वायरल ऑडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

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