मासूम बच्ची के हत्याकांड को लेकर विपक्ष के हंगामें के बीच बुधवार को सरकार ने सदन में अनुदान मांगों सहित तीन विधेयक परित किए।
हत्याकांड पर कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा की मांग कर रहा विपक्ष भोजन अवकाश के तुरंत बाद वैल में उतर आया। विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की और पीठ की ओर कागज फाड़-फाड़कर फेंके। हंगामें के बीच विपक्ष के कटौती प्रस्ताव के बिना ही अनुदान मांगे पारित हो गई।
विपक्ष की ओर से भी कटौती प्रस्ताव
भोजन अवकाश के बाद ही ट्रेजरी बैंच बीते दिन सदन केपटल पर रखी गई अनुदान मांगों और अन्य महत्वपूण्र विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में था। विपक्ष की ओर से भी कटौती प्रस्ताव रखे गए थे। पर सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के विधायक वैल में जा पहुंचे।
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि हल्द्वानी में लाडली हत्याकांड ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। इस पर सरकार को सारेकाम रोककर चर्चा करानी चाहिए। पर स्पीकर इसके लिए तैयार नहीं हुए। स्पीकर ने कहा कि चर्चा नियम 58 केतहत स्वीकार की जाएगी। इस पर विपक्ष वैल में जा पहुंचा और सरकार केखिलाफ नारेबाजी हुई।
विधायकों ने कागज के गोले बनाकर स्पीकर की ओर उछाले। इस दौरान नेता सदन भी सदन में मौजूद थे। इस हंगामें के बीच विपक्ष के कटौती प्रस्ताव केबिना ही अनुपूरक मांग सहित तीन विधेयक पारित हो गए। सदन में कई असरकारी संकल्प पर भी चर्चा होनी थी। हंगामें के चलते यह चर्चा भी नहीं हुई। करीब दो घंटे की कार्यवाही के बाद सदन स्थगित कर दिया गया।
विधेयक जो पारित हुए
-उत्तराखंड विनियोग विधेयक(2014-2015 का द्वितीय अनुपूरक )2014
-उत्तराखंड हरित ऊर्जा उपकर विधेयक, 2014
-उत्तराखंड रज्जुमार्ग विधेयक , 2014
विधेयक जो सदन के पटल पर रखे गए
-मदरहुड विधेयक, 2014
-उत्तराखंड कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम, 2014
-उत्तराखंड राज्य गैरसैंण विकास परिषद विधेयक, 2014
-उत्तराखंड राज्य खनिज विकास परिषद विधेयक, 2014
-उत्तराखंड राज्य आवस्थापना विकास परिषद, 2014