447 करोड़ से अधिक के घाटे से जूझ रहा उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) अपने ही बिजली बिलों की वसूली के लिए बिल जमा केंद्र नहीं बना पा रहा है। पांच साल से चल रही इस प्रक्रिया पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने यूपीसीएल को कड़ी फटकार लगाते हुए 31 जुलाई तक हर हाल में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने माना कि यूपीसीएल की यह बड़ी लापरवाही
यूपीसीएल प्रबंधन कोरोना महामारी का बहाना बनाकर इस काम को लगातार टालता रहा। यहां तक की डेढ़ साल का समय महामारी के नाम पर ही काट दिया। आयोग ने यह भी माना कि यूपीसीएल की यह बड़ी लापरवाही है। आयोग ने अपने आदेश में यूपीसीएल को फटकार लगाते हुए आदेश दिया है कि 31 जुलाई तक हरहाल में सभी बिल जमा केंद्रों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए।
तब तक इसके निर्माण की हर महीने की प्रगति रिपोर्ट आयोग के सामने पेश की जाए। यह आदेश आयोग के सदस्य तकनीकी एमके जैन और सदस्य विधि एवं कार्यवाहक अध्यक्ष डीपी गैरोला की पीठ ने सुनाया है। गौर करने वाली बात यह भी है कि यूपीसीएल ने इस बार 447 करोड़ से ऊपर के घाटे में खुद को बताते हुए इससे उबरने का तीन साल का प्लान नियामक आयोग के समक्ष पेश किया है।