उत्तराखंड और यूपी के बीच परिवहन करार एक बार फिर टल गया। यूपी के परिवहन मंत्री के गुजरात चुनाव में व्यस्त होने के चलते करार की औपचारिकता को टाल दिया है।
उत्तराखंड-यूपी के बीच परिवहन करार का मामला 17 सालों से लंबित है। यूपी और उत्तराखंड दोनों जगह भाजपा सरकार होने के बाद करार की कोशिश तेज हुई है। पहले एक नवंबर को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री की उपस्थिति में परिवहन सचिवों के मध्य करार की औपचारिकता को लखनऊ में पूरा करने की योजना थी लेकिन यूपी में निकाय चुनाव के कारण मामला टल गया।
इसके बाद तीन दिसंबर को यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी के गृहजनपद गोरखपुर में करार की तैयारियां तेज हुई। परिवहन विभाग की तरफ से कागजात भी तैयार कर लिए गए। करार के लिए अपर परिवहन आयुक्त को लखनऊ के लिए रवाना भी कर दिया गया। लेकिन, करार की प्रक्रिया नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि यूपी परिवहन मंत्री के गुजरात चुनाव में व्यस्त होने से करार को कुछ समय के लिए टालने का फैसला किया है।
करार को लेकर दोनों तरफ से तैयारी पूरी है। हमारे अधिकारी भी यूपी में थे। कुछ तकनीकी कारणों से करार नहीं हो सका है। जल्द ही नई तारीख तय
करने के बाद इस औपचारिकता को पूरा कर लिया जाएगा।
डी.सेंथिल पांडियन, परिवहन सचिव