उत्तराखंड विधानसभा से हाल ही में समान नागरिक संहिता उत्तराखंड 2024 विधेयक को पास किया गया था। जिसका मकसद एक ऐसा कानून बनाना है, जो शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने से जुड़े मामलों में सभी धर्मों पर लागू होगा।
उत्तराखंड विधानसभा से पास होने के बाद समान नागरिक संहिता विधेयक राजभवन पहुंच गया है। इसे जल्द मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। इसके अलावा राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण विधेयक भी राजभवन पहुंच चुका है।
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उत्तराखंड विधानसभा से हाल ही में समान नागरिक संहिता उत्तराखंड 2024 विधेयक को पास किया गया था। जिसका मकसद एक ऐसा कानून बनाना है, जो शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने से जुड़े मामलों में सभी धर्मों पर लागू होगा। इसके अलावा सरकार की ओर से नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण विधेयक भी मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया है।
विधेयक में चिह्नित आंदोलनकारियों और उनके एक आश्रित को राजकीय सेवा में क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। लंबे इंतजार के बाद सरकार की ओर से विधेयक को राजभवन भेजा गया है।
सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन के मुताबिक, यूसीसी विधेयक और राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी सेवा में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण विधेयक राजभवन को मिल चुका है। परीक्षण के बाद यूसीसी विधेयक राष्ट्रपति को भेजा जाएगा।