घर वापसी के लिए हवाई जहाज का टिकट आदि के लिए उन्हें तीन हजार डॉलर की जरूरत है, लेकिन पैसे के अभाव में दोनों युवा वहीं फंसे हुए हैं। परेशान युवाओं ने किसी तरह वियतनाम में भारतीय दूतावास से संपर्क कर अपनी व्यथा सुनाई, तो दूतावास ने भारतीय विदेश मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी।
मंत्रालय ने क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी से दोनों युवकों के परिजनों की आर्थिकी स्थिति और अन्य जानकारी मांगी है, जिससे अब उन्हें जल्द वतन लौटने की उम्मीद जगी है। डीएम सोनिका ने बताया कि 17 मई को पासपोर्ट कार्यालय से मिले पत्र के आधार पर जांच कराई गई, तो वियतनाम में फंसे सूरत सिंह के घर में वृद्ध माता-पिता, पत्नी और तीन नाबालिग बच्चे हैं। मानवेंद्र सिंह के घर में भी वृद्ध माता-पिता, पत्नी और दो नाबालिग बच्चे हैं।
दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति काफी नाजुक है। रिपोर्ट पासपोर्ट कार्यालय को भेज दी गई है। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ऋषि अंगारा का कहना है कि वियतनाम में फंसे युवकों की वापसी के लिए वियतनाम ने विदेश मंत्रालय से युवाओं की आर्थिक रिपोर्ट मांगी गई है। डीएम टिहरी से मिली रिपोर्ट मंत्रालय को भेज दी है। अग्रिम कार्रवाई विदेश मंत्रालय से होनी है।