फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IMA POP 2019: प्रथम विश्वयुद्ध से देश की रक्षा में तैनात है ये किसान परिवार

Sun, 09 Jun 2019 10:08 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

प्रथम विश्वयुद्ध से ही देश को सैनिक देने की परंपरा को हरियाणा के एक किसान परिवार ने आज भी कायम रखा है। पांचवीं पीढ़ी का मनदीप परिवार का आठवां सैनिक है, जो अफसर बना है। इससे पहले सभी सदस्य जूनियर अफसरों के पद से या तो सेवानिवृत्त हुए हैं या अभी सेवा में हैं।

विज्ञापन


हरियाणा के महेंद्रगढ़ जनपद के खेड़ी तलवाना गांव के सूबेदार जयराम ने ब्रिटिश भारत की फौज में भर्ती होकर यह सिलसिला शुरू किया था। फोर्थ राजपूताना राइफल्स के सूबेदार जयराम को प्रथम विश्वयुद्ध में ब्रिटिश सरकार के हाथों पुरस्कार भी मिल चुका है।

परंपरा अभी भी कायम

इसके बाद उनके बेटे हवलदार रामलाल ने इस परंपरा को कायम रखा। सिलसिला यहीं नहीं थमा रामलाल के बेटे अमर सिंह ने भी अपने पिता और दादा की तरह सेना को ही अपना ठिकाना माना और सैनिक के रूप में भर्ती हुए।

इसके बाद अमर सिंह के चार बेटे हुए, जिन्होंने भारत की सेनाओं को ही चुना। बड़ा बेटा प्रकाश सिंह ऑनरेरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हुए। जबकि रमेश सिंह सूबेदार और अजय सिंह एयरफोर्स में मास्टर वारेंट के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
विज्ञापन

गांव के बड़े किसानों में इनकी गिनती

सबसे छोटे भाई हैं विजय सिंह जो खुद थल सेना के हवलदार पद से रिटायर्ड हुए और शनिवार को उनका ही बेटा है मनदीप जो अपने परिवार का पहला सैन्य अफसर बना है। सिंह परिवार का मूल काम खेती किसानी है और गांव के बड़े किसानों में इनकी गिनती होती है।  

झज्जर के मनोज को मिला पैरा मैडल 
हरियाणा के झज्जर शहर के वायु सेना के पूर्व सार्जेंट हंसराज डागर के बेटे मनोज डागर भी सेना के अफसर बन गए। मनोज डागर ने अपनी पैरा कंपनी में बेस्ट कैडेट्स के तौर पर भी खुद को साबित किया। उन्हें पैरा मेडल इन बेस्ट फिजिकल अवार्ड से नवाजा गया। मनोज डागर बताते हैं कि उनका परिवार हमेशा से बेहतर करता आया है और आगे भविष्य में वे भी सेना को अपना बेहतर ही देंगे।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें