सूझबूझ से आतंकियों को मौत के घाट उतारा था
दीपक आले ने नौ अप्रैल 2017 को अपनी यूनिट के जवानों के साथ पोस्ट कमांडर की जिम्मेदारी निभाते हुुए जम्मू-कश्मीर के कैरन सेक्टर की गुगलधार पोस्ट से चार आतंकियों को सीमा पार से आते हुए देखा था। मोर्चा संभालते हुए दीपक आले ने बिना फायर किए लगातार आतंकियों पर निगरानी रखी और उनके मैदानी इलाके तक आने का इंतजार करने लगे। कुछ देर बाद आतंकी करीबी इलाके में पहुंच गए।
जहां से आतंकी ठीक से नजर आने लगे। इसके बाद दीपक ने अपनी एलएमजी से अंधाधुंध फायर शुरू कर दिया। दीपक के साथ उनका सहयोग करते हुए अन्य पांच जवानों ने भी फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में कई राउंड फायर के बाद दीपक आले के सटीक निशाने से दो आतंकी मौके पर ही ढेर हो गए। नायक दीपक आले ने बताया कि मुठभेड़ में शामिल अन्य जवानों में से दो जवानों को सेना मेडल से नवाजा जा चुका है।
मेजर प्रीतम कुंवर ने 6 आतंकियों को किया था ढेर
चमोली जिले के मठ गांव निवासी और भारतीय सेना के मेजर प्रीतम कुंवर को 23 अप्रैल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कीर्ति चक्र से सम्मानित करेंगे। मेजर प्रीतम ने 25 मई 2017 को उड़ी सेक्टर में हुए आतंकी हमले में 6 आतंकियों को मार गिराया था। उनके अदम्य साहस के लिए 15 अगस्त 2017 को उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित करने की घोषणा की गई थी।
प्रीतम कुंवर के पिता रिटायर्ड सूबेदार मेजर नरेंद्र कुंवर ने बताया कि यह क्षण उनके जीवन का यादगार क्षण है। जब उनके पुत्र को देश सेवा के लिए शांतिकाल का सर्वोच्च सेना सम्मान प्रदान किया जाएगा। मठ गांव के संतोष कुंवर का कहना है कि मेजर प्रीतम कुंवर ने जिले के साथ ही उत्तराखंड राज्य का गौरव बढ़ाया है।
प्रीतम के माता-पिता अपने पैतृक गांव मठ में ही रहते हैं। बंड विकास संगठन के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती, पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, विजय प्रसाद मलासी का कहना है कि प्रीतम को मिल रहे सम्मान से चमोली जिले में खुशी की लहर है।