एसआईटी की जांच में दो और शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। दोनों शिक्षक हरिद्वार जनपद में तैनात हैं। एसआईटी प्रभारी एसपी श्वेता चौबे ने दोनों के खिलाफ विधिक और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
एसपी सीबीसीआईडी श्वेता चौबे ने बताया कि चंद्रपाल निवासी रामनगर कॉलोनी ज्वालापुर राजकीय प्रथनिम विद्यालय डाडा भगवानपुर में तैनात है। उसकी नियुक्ति साल 2009 में हुई थी। नियुक्ति के समय चंद्रपाल ने वर्ष 2002 में बना स्थाई निवास प्रमाणपत्र विभाग में जमा कराया था। इसकी जब जांच की गई तो जिला प्रशासन से इसके फर्जी होने की जानकारी मिली।
इसके साथ ही सहायक शिक्षक कुमारी नीलम भी हरिद्वार के श्रीचंद राजकीय प्राथमिक विद्यालय में तैनात है। उसकी नियुक्ति भी साल 2009 की है। नियुक्ति के समय गोरखपुर विश्वविद्यालय की वर्ष 1999 में जारी बीएड की डिग्री लगाई थी। उसके संबंध में जब जांच की गई तो विश्वविद्यालय ने बताया कि उसकी डिग्री फर्जी है। नीलम ने प्रमाणपत्रों में छेड़छाड़ कर इन्हें तैयार किया है। अब तक एसआईटी की पकड़ में कुल 62 शिक्षक आ चुके हैं। बता दें कि पिछले साल अमर उजाला के फर्जी डिग्री असली नौकरी अभियान के बाद एसआईटी जांच शुरू हुई थी।