प्रमोशन से रोक हटाए जाने के फैसले पर एससी एसटी कर्मचारी भड़क उठे। उत्तराखंड एससी एसटी इंप्लाइज फेडरेशन की देहरादून में एक आपात बैठक हुई जिसमें सरकार के निर्णय की आलोचना की गई। फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष करम राम ने आरोप लगाया कि सरकार ने एससी एसटी वर्ग के साथ छल किया है, जिसके उसे भविष्य में कीमत चुकानी पड़ेगी।
उसने दबाव में आकर निर्णय लिया, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सात फरवरी 2020 के आदेश में स्पष्ट कहा था कि सरकार अपने विवेक से प्रमोशन में आरक्षण दे सकती थी। फेडरेशन ने बृहस्पतिवार को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंकने का फैसला किया। 22 मार्च को देहरादून में प्रदेशस्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।