इसी अभियान के दौरान उत्तराखंड परिवहन निगम के रुद्रपुर व ऋषिकेश डिपो की दो बसों पर भी एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन अब इस मामले में प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान ने संबंधित सहायक महाप्रबंधकों ने स्पष्टीकरण तलब किया है।
कारण कि केंद्र सरकार की ओर से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान ने सभी सहायक महाप्रबंधकोें को निर्देशित किया था कि यदि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत परिवहन निगम की किसी बस के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी तो इसके लिए संबंधित सहायक महाप्रबंधक सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
दूसरी ओर परिवहन निगम की बसों पर दो लाख का जुर्माना लगाए जाने के बाद विभागीय अधिकारियों ने जुर्माना लगाने वाले अधिकारियोें से दो दो हाथ करने का निर्णय लिया है। प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान का कहना है कि चालकों के पास प्रदूषण जांच से संबंधित कागजात होने के बावजूद जुर्माना लगाया जाना समझ से परे है। फिलहाल प्रकरण को निपटाने के लिए उप महाप्रबंधक की अगुवाई में एक टीम दिल्ली भेजी जा रही है जो तमाम पहलुओं पर चर्चा करने के साथ ही प्रकरण का निपटारा करेगी।