फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड परिवहन निगमः 15 दिन के ट्रायल के बाद कंपनियों से ली जाएंगी नई बसें

Tue, 14 Jan 2020 02:33 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • टाटा कंपनी की बसों में खामियां उजागर होने के बाद प्रबंधन ने लिया फैसला
  • रोडवेज प्रबंधन टाटा व अशोक लेलैंड कंपनी से खरीद रहा 300 नई बसें
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

परिवहन निगम की ओर से टाटा कंपनी से खरीदी गई बसों में खामियां उजागर होने के बाद अब परिवहन निगम प्रबंधन हर कदम सोच समझकर उठा रहा है। परिवहन निगम प्रबंधन ने फैसला लिया है कि अब टाटा व अशोक लीलैंड कंपनी से खरीदी जाने वाली बसों का पहले 15 दिन ट्रायल किया जाएगा।

विज्ञापन


ट्रायल में पास होने के बाद ही बसों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। परिवहन निगम के तकनीकी विशेषज्ञों व चालकों की टीम बसों का 15 दिन तक ट्रायल करेगी। ट्रायल मेें पास होने के बाद ही बाकी बसों की आपूर्ति की जाएगी।

परिवहन निगम प्रबंधन ने टाटा व अशोक लीलैंड कंपनी से 300 बसें खरीदी हैं। जिसमें 150 टाटा कंपनी व 150 अशोक लीलैंड कंपनी से खरीदी है। टाटा कंपनी ने तो अपनी बसों की आपूर्ति कर दी। बसों का पंजीकरण कराने के साथ ही उन्हें सड़कों पर भी उतार दिया गया लेकिन बसें उस समय विवाद के घेरे में आ गई, जब चलती बसों के गियर लीवर टूटने लगे।
विज्ञापन


प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान ने बसों के संचालन व कंपनी के तमाम भुगतानों पर रोक लगा दी। उन्होंने प्रकरण को गंभीरता से लेते सीआईआरटी के विशेषज्ञों से तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया। 

सीआईआरटी विशेषज्ञों ने बसों की जांच की और गियर लीवर में खामियों के साथ ही 16 बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। विशेषज्ञों ने कहा कि गियर लीवर में बदलाव किए जाने की जरूरत है। सीआईआरटी विशेषज्ञों के रिपोर्ट के आधार पर ही प्रबंधन ने सभी बसों को टाटा कंपनी के पंतनगर प्लांट को लौटा दिया।

कंपनी ने इसमें बदलाव भी कर दिया लेकिन इस प्रकरण के बाद अब प्रबंधन ने फैसला किया है कि टाटा व अशोक लीलैंड कंपनी से बसों की आपूर्ति तब होगी जब इन कंपनियों द्वारा दी गई कुछ बसों का पहले 15 घंटा लिया जाएगा।

महाप्रबंधक दीपक जैन का कहना है कि दोनों कंपनियों से आपूर्ति की जाने वाली बसों का पहले तकनीकी विशेषज्ञों व चालकों द्वारा ट्रायल किया जाएगा। यदि बसें ट्रायल में पास होती हैं तो आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें