वेतन के लिए आंदोलनरत रोडवेज कर्मचारियों से निगम को नुकसान की वसूली की जाएगी। निगम के महाप्रबंधक दीपक जैन की ओर से इस संबंध में समस्त मंडलीय प्रबंधक एवं डिपो सहायक महाप्रबंधकों को निर्देश जारी किया गया है।
प्रदेश में रोडवेज कर्मचारी वेतन की मांग को लेकर पिछले कुछ दिनों से आंदोलनरत हैं। कर्मचारियों ने 20 अक्तूबर को प्रदेश के विभिन्न डिपो में धरना दिया था। कर्मचारियों के इस धरने के चलते कुछ रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित हुई थी।
महाप्रबंधक दीपक जैन के मुताबिक इससे निगम को जो नुकसान हुआ है उस धनराशि की वसूली इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों से की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में निगम अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किया गया है। निर्देश में कहा गया है कि कर्मचारियों के आंदोलन से निगम को आर्थिक हानि हुई है। इसके साथ ही निगम की छवि खराब हुई है।
निगम अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए निगम की दैनिक संचालित बस सेवा को किसी भी दशा में स्थगित न होने दें एवं बस का संचालन पहले की तरह बढ़ाने का प्रयास करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि 20 से 22 अक्तूबर तक प्रत्येक डिपो में कौन-कौन सी सेवाएं संबंधित कर्मचारियों की वजह से स्थगित हुई हैं। इससे निगम को जो नुकसान हुआ है उसकी वसूली के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
निर्देश में यह भी कहा गया है कि जिन कर्मचारियों के धरने के चलते बस सेवाओं को स्थगित करना पड़ा है धरना प्रदर्शन की उस अवधि को संबंधित कर्मचारियों को अनुपस्थित मानते हुए उनका किसी भी तरह का अवकाश स्वीकृत न किया जाए। वहीं 22 अक्तूबर के बाद भी यदि कर्मचारियों की हड़ताल में जाने से बस सेवाएं प्रभावित होती हैं तो इसकी निगम मुख्यालय को सूचना उपलब्ध कराई जाए। इन कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।