यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर वेतन संबंधी विसंगतियों समेत 12 सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को भी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। दो दिन की हड़ताल से प्रदेशभर में बैंकों का करीब दो हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।
लगातार दो दिन बैंक बंद होने से ग्राहकों को परेशानी झेलनी पड़ी। बैंक कर्मचारी शनिवार को भी परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार पर वेतन विसंगतियों को ठीक नहीं करने का आरोप लगाया। साथ ही दो दिन की हड़ताल के बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी। बैंक पहुंचे ग्राहकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। कई जगहों पर एटीएम भी खाली रहे।
प्रदर्शन के दौरान पीआर कुकरेती, हरिओम रेखी, शार्दूल ढौंडियाल, वीके जोशी, राकेश उनियाल, टीपी शर्मा, प्रवीण जौली, केसी जुयाल, दीपशिखा, आरपी शर्मा, सीके जोशी, अनिल जैन, आरके गैरोला, एसएस रजवार, विनय कुमार, उमेश क्षेत्री, रुचिका सुयाल, एकता गुलाटी, कल्पना, जीएस नेगी, सुधीर रावत, विकास संघरे, राजन पुंडीर आदि मौजूद रहे।
अब 11 मार्च से तीन दिन की हड़ताल
बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें न मानी तो वह 11, 12 और 13 मार्च को हड़ताल करेंगे। इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।