सात बार नेशनल में प्रदेश का प्रतिनिधित्व
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ ही यशस्वी ने राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया है। वह सात बार नेशनल प्रतियोगिता में राज्य की ओर से प्रतिभाग कर चुकी हैं। जबकि तीन बार नेशनल गेम्स और दो बार खेलो इंडिया में भी वह अपने अचूक निशाने का हुनर दिखा चुकी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन के चलते उन्होंने प्रदेश की उभरती हुई निशानेबाजों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
ये भी पढे़ं...नदी में डूबने से मां-बेटी की मौत: छह दिन बाद था जन्मदिन, मां बुआ से मिलाने ले गई, अब कभी नहीं लौटेंगी दोनों
पढ़ाई के साथ शूटिंग में जारी है सफर
खेल के साथ यशस्वी अपनी पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान दे रही हैं। वर्तमान में वह ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ाई और खेल दोनों के बीच संतुलन बनाते हुए वह अपने शूटिंग कॅरिअर को भी आगे बढ़ा रही हैं। यशस्वी की उपलब्धियां उत्तराखंड के उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं। पिथौरागढ़ से निकलकर भारतीय टीम तक का सफर तय करने वाली यशस्वी ने साबित किया है कि प्रतिभा, निरंतर अभ्यास और मेहनत के दम पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। यशस्वी ने 11 साल की उम्र से ही इस खेल में ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी थी। वो जूनियर और यूथ कैटेगरी में कई पुरस्कार हासिल कर चुकी हैं।