इनको छूट होगी
बाहरी राज्याें के दोपहिया, तिपहिया वाहन, केंद्र और राज्य सरकार के सरकारी वाहन, कृषि ट्रैक्टर-ट्राली रोड रोलर, एंबुलेंस, फायर टेंडर और सेना के वाहनों को छूट होगी। विद्युत बैटरी, सोलर, हाइब्रिड, सीएनजी चलित वाहनों को भी ग्रीन सेस की दरों से पूरी छूट होगी।
100 करोड़ राजस्व मिलने की उम्मीद
एक अनुमान के मुताबिक ग्रीन सेस से 75 से 100 करोड़ तक सालाना राजस्व मिलने की संभावना है। प्रदेश के वाहनों से पहले से ही ग्रीन सेस से लिया जाता है। इसमें बाइक की बात करें तो पंजीकरण कराने पर 500 रुपये देने होते हैं। इसी तरह अन्य वाहनों के लिए भी दर तय हैं। अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह के अनुसार इससे 100 करोड़ तक राजस्व मिलने की संभावना है।
सालभर के लिए भी ग्रीन सेस जमा करने की व्यवस्था
परिवहन विभाग ग्रीन सेस को सालभर के लिए एक बार में जमा करने की सुविधा देने की भी तैयारी कर रहा है। विभाग की वेबसाइट के माध्यम से एक बार प्रवेश की दर का 20 गुना भुगतान करने पर त्रैमासिक और 60 गुना भुगतान करने पर पूरे वर्ष के लिए राज्य में प्रवेश के पात्र होंगे।