योजना में कर्मचारियों और पेंशनरों के आश्रितों में माता-पिता, पति, पत्नी के साथ ही 25 वर्ष की आयु सीमा तक बेटा व बेटी, तलाकशुदा, विधवा पुत्री शामिल होंगे। जो पति पत्नी दोनों सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। दोनों में से जो उच्चतर वेतनमान में कार्यरत होगा। उससे ही प्रतिमाह अंशदान लिया जाएगा। यदि दोनों कार्मिकों के माता-पिता उन पर आश्रित हैं तो इस स्थिति में दोनों को प्रति माह अंशदान देना होगा।
ओपीडी में दवाइयां खुद खरीदनी पड़ेगी
योजना में कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए ओपीडी इलाज की सेवा भी शामिल है। डॉक्टरों की ओर से लिखी गई दवाइयां या जांच की भुगतान कर्मचारियों को स्वयं करना पड़ेगा। इसकी प्रतिपूर्ति सरकार की ओर से की जाएगी।
गोल्डन कार्ड के लिए 30 रुपये शुल्क तय
राजकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों का गोल्डन कार्ड विभागीय आहरण वितरण अधिकारी के माध्यम से बनाया जाएगा। जबकि पेंशनरों का गोल्डन कार्ड मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय या मूूल विभाग के आहरण वितरण अधिकारी के माध्यम से बनाए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने 30 रुपये प्रति कार्ड का शुल्क रखा है।
सीजीएचएस की तर्ज पर प्रति माह अंशदान निर्धारित
श्रेणी अंशदान प्रति माह
वेतन लेवल 1 से 5 250 रुपये
वेतन लेवल 6 450 रुपये
वेतन लेवल 7 से 11 650 रुपये
वेतन लेवल 12 1000 रुपये