यूपी के जिलों में बंदरों को पकड़कर उत्तराखंड की सरहद में लाकर छोड़ा जा रहा है। इससे निजात पाने के लिए उत्तराखंड के तीन विभाग साथ मिलकर काम करेंगे।
मुख्यमंत्री हरीश रावत के नाराजगी जाहिर करने के बाद इस समस्या से निपटने के लिए तीन विभागों की संयुक्त टीम गठित की जाएगी। यह टीम सरहदी इलाकों में गश्त करके लोगों को बंदरों को राज्य की सीमा के अंदर छोड़ने से रोकेगी। इस संबंध में प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) दिग्विजय सिंह खाती ने आदेश जारी किए हैं।
उत्तराखंड के लोग पहले से ही बंदरों के आतंक से परेशान हैं। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद वन विभाग ने गली-मोहल्लों में बंदरों को पकड़ने और उनकी नसबंदी करने की कार्ययोजना तैयार की है।
बंदरों की नसबंदी के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में सेंटर बनाने के लिए कैंपा मद से पांच करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए। प्रदेश में बंदरों की समस्या से निपटने के लिए उपाय शुरू हुए हैं। यूपी के जिलों से लाकर उत्तराखंड में छोड़े जा रहे बंदरों की वजह से दिक्कत और बढ़ गई है।