मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार 16 जून यानी आज से प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं। मैदान और पहाड़ के कुछ इलाकों में गरज के साथ बौछारें पड़ने और आंधी चलने का भी अनुमान है।
मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 19 जून के बाद बारिश कम हो सकती है। 21 जून तक यह काफी कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि यह प्री मानसून बारिश है। प्रदेश में मानसून जुलाई के पहले हफ्ते में पहुंचने के आसार हैं। उससे पहले प्री मानसून बारिश होगी।
वहीं शनिवार को दून और आसपास के ज्यादातर क्षेत्रों में जबरदस्त गर्मी पड़ी। कुमाऊं में भी ऐसा ही हाल रहा। सुबह से अधिकांश इलाकों में तेज धूप रही। दोपहर बाद गर्मी और उमस बहुत ज्यादा बढ़ गई। दून का अधिकतम तापमान 41 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2012 में दून में जून का अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। पिछले दस वर्षों के दौरान केवल 2012 में ही तापमान 42 डिग्री के उच्चतम शिखर पर पहुंचा था।
दून में जून की सबसे ज्यादा गर्मी का ओवरऑल रिकॉर्ड चार जून 1902 का है। तब अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री तक पहुंच गया था। पिछले सौ वर्षों से अधिक समय से यह रिकॉर्ड बरकरार है। शनिवार का तापमान वर्ष 2019 का अब तक का सबसे अधिक है।