फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tehri: 18 लाख की ठगी करने वाला साइबर ठग झारखंड से गिरफ्तार, कनाडा से गिफ्ट भेजने के नाम पर ठगे थे पैसे

Wed, 09 Apr 2025 07:07 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी

सार

Tehri Crime News: 16 अगस्त 2024 को बंगलों की कांडी निवासी पवित्रा देवी ने कैंपटी पुलिस थाने में 18 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद जांच शुरू हुई। 
विज्ञापन
ठग गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

टिहरी पुलिस ने 18 लाख की ठगी करने वाले साइबर ठग को झारखंड से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक कार, कई एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पेन कार्ड, चेक बुक, ज्वेलरी और नकदी सहित कुल 35 लाख रुपये का समान बरामद किया गया है। आरोपी को सीजेएम न्यायालय धनबाद से ट्रांजिट रिमांड पर टिहरी लाया गया है।

विज्ञापन


 एएसपी जेआर जोशी ने बताया कि 16 अगस्त 2024 को बंगलों की कांडी निवासी पवित्रा देवी ने कैंपटी पुलिस थाने में 18 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद चार जून 2024 को अभियुक्त मनीष चौधरी नाम के व्यक्ति ने अपने आप को कनाडा निवासी बताते हुए बातचीत की। धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ाने के बाद ठग मनीष ने महिला को गिफ्ट का लालच देकर सोने की ज्वेलरी भेजने की बात कही।

25 जून को साइबर ठग ने महिला को फोन कर खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कस्टम अधिकारी बताते हुए कहा कि आपका 38 लाख रुपये का पार्सल आया है, कस्टम फीस के नाम पर ठग ने महिला से बैंक खातों में पैसे जमा करवाए। 16 सितंबर 2024 को प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक नदीम अतहर को जांच सौंपी। कई जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने बीते छह अप्रैल को मुख्य आरोपी पप्पू कुमार साव (35) निवासी भूल्ली बस्ती नवाडीह थाना व जिला धनबाद झारखंड को गिरफ्तार कर दिया। उन्होंने बताया कि अभियुक्त को सीजेएम न्यायालय धनबाद से ट्रांजिट रिमांड पर टिहरी लाया गया है।
विज्ञापन


Haridwar: महिला पटवारी का सहायक 4500 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, दाखिल खारिज के नाम पर मांगे थे रुपये

Trending Videos
विज्ञापन

पाकिस्तान से मिलते थे निर्देश

एएसपी ने बताया कि अभियुक्त अंतरराष्ट्रीय गैंग से जुड़ा हुआ है। जिसके मुख्य हैंडलर पाकिस्तान के मोबाइल नंबर से इसको निर्देश देते थे। अभियुक्त ने बताया कि ठगी गई रकम का 91 प्रतिशत पैसा विदेश हैंडलर के बताए खाते में जमा कराते हैं, तीन प्रतिशत अभियुक्त को मिलता है, जबकि अकाउंड और मोबाइल सिम उपलब्ध कराने वाले को छह प्रतिशत मिलता है। बताया कि वह प्रतिदिन तीन-चार लाख रुपये का ट्रांजेक्शन करता था। पुलिस टीम में निरीक्षक नदीम अतहर, सीआईयू उप निरीक्षक ओमकांत भूषण, विकास सैनी और अजयवीर सैनी आदि शामिल थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें