पाकिस्तान से मिलते थे निर्देश
एएसपी ने बताया कि अभियुक्त अंतरराष्ट्रीय गैंग से जुड़ा हुआ है। जिसके मुख्य हैंडलर पाकिस्तान के मोबाइल नंबर से इसको निर्देश देते थे। अभियुक्त ने बताया कि ठगी गई रकम का 91 प्रतिशत पैसा विदेश हैंडलर के बताए खाते में जमा कराते हैं, तीन प्रतिशत अभियुक्त को मिलता है, जबकि अकाउंड और मोबाइल सिम उपलब्ध कराने वाले को छह प्रतिशत मिलता है। बताया कि वह प्रतिदिन तीन-चार लाख रुपये का ट्रांजेक्शन करता था। पुलिस टीम में निरीक्षक नदीम अतहर, सीआईयू उप निरीक्षक ओमकांत भूषण, विकास सैनी और अजयवीर सैनी आदि शामिल थे।