अंतरधार्मिक विवाह प्रोत्साहन योजना को लेकर विवादों में आए टिहरी के प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्ड़ियाल पर गाज गिर गई है। शासन के निर्देश पर उन्हें हल्द्वानी समाज कल्याण निदेशालय में अटैच कर दिया गया है। घिल्ड़ियाल पर आरोप है कि उन्होंने योजना के संबंध में सोशल मीडिया पोस्ट डाली थी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मामले में जांच के आदेश दिए थे।
मामले ने इस कदर तूल पकड़ा था कि सरकार ने अंतरधार्मिक प्रोत्साहन योजना का शासनादेश ही निरस्त करने का मन बना लिया था। सोशल मीडिया में इस आदेश के वायरल होने के बाद एक अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से शिकायत की थी। कुछ सियासी दलों ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा था कि एक तरफ भाजपा लव जिहाद का विरोध कर रही है, दूसरी तरफ अंतरधार्मिक विवाहों के लिए 50 हजार की प्रोत्साहन राशि बांट रही है।
इस बीच मुख्यमंत्री उन्हें प्राप्त हुए पत्र को लेकर मुख्य सचिव को आदेश दिए थे। उनके आदेश पर अंतरधार्मिक विवाह प्रोत्साहन योजना के आदेश की भी पड़ताल हो रही है। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने इस आदेश को निरस्त करने की बात कही थी।
इस बीच प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी की भूमिका को सरकार ने उचित नहीं माना। मंगलवार को सचिव समाज कल्याण की ओर से निदेशक समाज कल्याण विनोद गिरी गोस्वामी को प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी को तत्काल हटाए जाने के आदेश हुए। आदेश जारी होते ही निदेशक ने घिल्ड़ियाल को हल्द्वानी स्थित निदेेशालय में अटैच करने के आदेश जारी कर दिए।