जूनियर नेशनल वॉलीबाल का मंगलवार को समापन हो गया और उत्तराखंड की टीम को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा, लेकिन इस चैंपियनशिप की वजह से मार्केट चमक गया।
सप्ताह भर की इस चैंपियनशिप से व्यवसायियों के चेहरे खिले रहे। केवल इंदिरा मार्केट की बात करें तो चैंपियनशिप लगभग 25 लाख का फायदा देकर गई।
49 टीमों ने लिया भाग
पवेलियन ग्राउंड में चल रही इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने 27 राज्यों की 49 टीमें पहुंची थीं। सालों बाद पवेलियन में खिलाड़ियों के साथ ही खचा-खच दर्शकों का मुजाहिरा हुआ।
मार्केट की चांदी
खिलाड़ी मैच के बाद बाजारों में न केवल टहलते दिखे, बल्कि उन्होंने खूब खरीदारी भी की। खास तौर पर उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों का अड्डा मार्केट में बना रहा।
कपड़े और खाने की तरफ वह टूटे पड़ रहे थे। असम, झारखंड की खिलाड़ियों का प्रिय भोजन मोमो बना रहा।
क्या कहते हैं व्यापारी
इंदिरा मार्केट के व्यापारी जसजीत सिंह बताते हैं कि सबसे बड़ा फायदा दर्शकों की वजह से हुआ, जो मैच देखने तो आए ही, इसके बाद उन्होंने बाजारों में खरीदारी में दिलचस्पी दिखाई। इस बीच संडे मार्केट में भी अन्य सप्ताहों के मुकाबले कई गुना अधिक भीड़ नजर आई।