12 साल पहले मिले न्यौते पर पहुंचे गांव कोट मल्ला
ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली के मिश्रित वन का भ्रमण किया। उन्होंने इस वन को देश-दुनिया के लिए अद्भुत मॉडल बताया। जगद्गुरु को 12 साल पहले यहां आने का न्यौता मिला था। उसे निभाने के लिए वे गांव कोट मल्ला पहुंचे। उन्होंने जसोली स्थित मां हरियाली मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। साथ ही स्वयंभू स्टफिक शिवलिंग की पूजा के साथ जलाभिषेक किया।
रुद्रप्रयाग के विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि यह पूरे क्षेत्र का गौरव है कि धर्म, आध्यात्म के पुरोधा यहां पहुंचे हैं। इसके बाद शंकराचार्य राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोट मल्ला भी गए और वहां तैनात पर्यावरण प्रेमी शिक्षक सतेंद्र भंडारी के पर्यावरण संरक्षण व शिक्षा से जुड़े कार्यों से प्रभावित हुए। इस मौके पर मुकुंदानंद ब्रह्मचारी, सहज ब्रह्मचारी, गंगोत्री मंदिर समिति के सदस्य सुरेश सेमवाल, अनिरूद्घ उनियाल, उमेश सती, चंडी तिवारी, देव राघवेंद्र बदरी, अजय आनंद सिंह नेगी मौजूद रहे।
पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली ने डॉ. बृजेश सती को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग जनपद में पत्रकारिता के दौरान सबसे पहले मिश्रित वन को आमजन तक पहुंचाने का काम डॉ. सती ने किया था।