वहीं देवस्थानम अधिनियम के खिलाफ याचिका दायर होने से सरकार की परेशानी में इजाफा होना तय है। चारों धामों के मंदिरों का श्राइन बोर्ड की तर्ज पर प्रबंधन करने के लिए प्रदेश सरकार यह अधिनियम लेकर आई थी।
कुछ समय पहले ही तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने देवस्थानम अधिनियम के विरोध में सुब्रमण्यम स्वामी से संपर्क किया था। स्वामी ने महापंचायत को अदालत में इस मामले को चुनौती देने का आश्वासन दिया था।
सोमवार को स्वामी ने ट्वीट किया कि वे इस अधिनियम को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करने जा रहे हैं। स्वामी के इस ट्वीट को कुछ समय बाद ही 15 हजार लाइक मिल गए। यह ट्वीट 3376 रिट्वीट भी किया गया। देर शाम यह याचिका दाखिल भी हो गई।