पिछले काफी समय से सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टरों की संशोधित ग्रेड पे की मांग भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को पूरी कर दी।
रविवार को पुलिस लाइन में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गृह सचिव को सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टरों की मांग पर निर्णय लेने के आदेश दिए। गृह सचिव अपने साथ फाइल लेकर आए थे। उन्होंने मंच पर ही फाइल मुख्यमंत्री के समक्ष रख दी।
मुख्यमंत्री ने भी झट से हस्ताक्षर कर दिए। अपनी मांगों को अचानक पूरा होते देख पुलिस कर्मी गदगद हो गए। गृह सचिव ने बताया कि इंस्पेक्टरों को वेतनमान 4600 से बढ़कर 4800 और सब इंस्पेक्टरों का ग्रेड पे 4200 से 4600 कर दिया गया है।
मांग पूरी करते ही मुख्यमंत्री पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू से मुखातिब हुए और कहा कि मैं मांग पूरी कर रहा हूं। इसके बदले मुझे कुछ चाहिए भी। उन्होंने कहा कि सुद्दोवाला जेल की सुरक्षा के लिए 100 से 150 जवान आपको देने होंगे।
वहीं, मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ कर्मियों को दिए जाने वाले 30 प्रतिशत विशेष प्रोत्साहन भत्ते पर 4500 रुपए की अधितकम सीमा को हटा दिया है।
अच्छी सेहत के लिए पहाड़ चढ़ो
मुख्यमंत्री हरीश रावत पुलिस कर्मियों की ओर से मांगी जा रही मैदानी इलाकों में ड्यूटी से चिंतित दिखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पहाड़ों में एक दिन में 25-25 किलोमीटर तक पैदल चलता था। न कभी कोई बीमारी हुई न कभी सांस फूली। अब जब मैदान में हूं तो पेट भी बाहर आ गया और हाथ में मधुमेह की दवाई भी।
उन्होंने जवानों से कहा कि, पहाड़ में नौकरी आपकी सेहत के लिहाज से भी ठीक है। इसलिए पहाड़ में अनिवार्य रूप से कुछ समय नौकरी करें। उन्होंने पुलिस महानिदेशक से कहा कि वे ऐसी ट्रांसफर पालिसी लेकर आएं, जिससे सभी पुलिस कर्मियों को अनिवार्य रूप से पहाड़ में ड्यूटी के लिए जाना पड़े।