सैन्य शहीदों के सम्मान के लिए प्रस्तावित स्टेट वॉर मेमोरियल का निर्माण एक बार फिर खटाई में पड़ गया है।
प्रदेश सरकार ने पुराने जेल परिसर की जिस भूमि (1.49) एकड़ को वॉर मेमोरियल निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी, उसे शासन ने नकार दिया है। शासन ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में भूमि प्रस्तावित चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के लिए आरक्षित बता प्रस्ताव खारिज कर दिया है। हालांकि, सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत ने शासन के प्रस्ताव खारिज करने से इनकार किया है।
स्टेट वॉर मेमोरियल के निर्माण में केंद्र और राज्य सरकार के बीच छिड़ी प्रतिस्पर्धा में अब दोनों पक्ष पिछड़ते दिख रहे हैं। भाजपा के चीड़बाग में रक्षा मंत्रालय की मदद से वॉर मेमोरियल निर्माण के लिए भूमि का हस्तांतरण अब तक नहीं हुआ है। चीड़बाग का मामला टलता देख सीएम के निर्देश पर भूमि चिन्हीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई।
कारगी चौक पर भूमि का खुद सीएम ने निरीक्षण किया, लेकिन वहां भूमि उपयुक्त नहीं पाई गई। इसके बाद पुराने जेल परिसर की भूमि को फाइनल किया गया। शासन से अपर सचिव चिकित्सा शिक्षा ने 28 अक्तूबर को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर भूमि सैनिक कल्याण विभाग को हस्तांतरित करने से इनकार कर दिया है।
मंत्री ने कहा था, हस्तांतरण में नहीं होगी दिक्कत
सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत ही चिकित्सा शिक्षा मंत्री हैं, इसके चलते उन्होंने उक्त भूमि का प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से मंगवाया था। हरक सिंह ने प्रस्तावित भूमि के चयन के समय स्पष्ट किया था कि दोनों विभाग उनके पास होने से हस्तांतरण की प्रक्रिया में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
शासन ने भूमि हस्तांतरण से संबंधित जिलाधिकारी को भेजे पत्र से मुझे अवगत नहीं करवाया। मैं पता करता हूं कि किसके अनुमोदन पर शासन ने पत्र मेरे संत्रान में लाए बिना भेजा है।
- हरक सिंह रावत, सैनिक कल्याण मंत्री