दूसरी ओर, स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी प्रदेश को अभी कई मंजिलेें हासिल करनी हैं। नीति आयोग की हाल ही आई रिपोर्ट में उत्तराखंड 17 वें स्थान पर पहुंच गया था। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में करीब 700 डाक्टरों की कमी है। इनमें से कोरोना काल में ही प्रदेश सरकार ने करीब 483 डाक्टरों की तैनाती दी है। इसके बाद भी पर्वतीय और दूर दराज के इलाकों में डाक्टरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की कमी अभी मौजूद है।
अर्थव्यवस्था की स्थिति
खेती किसानी - 10.57 प्रतिशत
उद्योग - 48.93
सेवा क्षेत्र- 40.50
कोरोना ने सिखाया, गांव, खेत खलिहान पर हो तवज्जो
यह बात सही है कि प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस करने की जरूरत है। हरिद्वार की प्रति व्यक्ति आय ढाई लाख रुपये है और पर्वतीय जिलों की प्रति व्यक्ति आय 80 हजार भी नहीं। प्रदेश में कृषि का बजट भी बहुत कम है। कोरोना ने यह तो सिखा ही दिया है कि इस क्षेत्र पर फोकस करना ही होगा। इसी तरह 71 प्रतिशत प्रवासी आकर रुके हैं और 34 प्रतिशत इसमें से कृषि से जृुड़े हैं। इस संभावना का पूरा उपयोग किया जाना चाहिए।
- एसएस नेगी, उपाध्यक्ष पलायन एवं ग्रामीण विकास आयोग