जांबाज गणेश सिंह गणेश थारू जनजाति वर्ग से हैं। उनकी इस उपलब्धि पर थारू जनजाति वर्ग के लोगों के साथ ही क्षेत्र के लोगों में हर्ष की लहर है। उनकी इस उपलब्धि पर यहां एसएसबी 57वीं वाहिनी के कमांडेंट राजेश त्रिपाठी, बनबसा एसएसबी ई कंपनी के कमांडर पुष्कर सिंह धामी, धनुषपुल प्रभारी नवीन कुमारी, विधायक कैलाश गहतोड़ी, विधायक प्रतिनिधि महेश मुरारी, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक रजवार, पूर्व प्रधान गिरधारी लाल गुदमी की प्रधान विनीता राणा, देवीपुरा के प्रधान दीपक प्रकाश चंद के अलावा थारू जनजाति के लोगों में खुशी की लहर है।
साधारण परिवार से हैं गणेश
गणेश साधारण परिवार से हैं। उसके पिता स्व. नारायण सिंह यहां ग्लोरियस एकेडमी स्कूल में वाहन चालक थे। बनबसा के पेंटर फार्म में रहने वाले गणेश ने डेविडपेंटर हाई स्कूल से दसवीं एवं शारदा इंटर कॉलेज से बारहवीं की पढ़ाई की। उन्होंने खटीमा स्थित राजकीय हेमवती नंदन बहुगुणा महाविद्यालय से बीए किया। वर्ष 2015 में गणेश ने एसएसबी ज्वाइन की।
कर्नल कार्की का पूरा परिवार देश सेवा में समर्पित
बेड़ीनाग क्षेत्र के पांखू बोगाड़ निवासी कर्नल संजय सिंह कार्की का पूरा परिवार सेना को समर्पित है। कर्नल संजय ने अपनी स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से पूरी की। इसके बाद उनका एनडीए में चयन हुआ। 21 पैरा स्पेशल फोर्स बटालियन के कमांड के दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल में कई उल्लेखनीय ऑपरेशनों को अंजाम दिया। उनकी बटालियन ने पूरे नॉर्थ-ईस्ट के इलाके में शांति बहाली में योगदान दिया था। यह वही बटालियन है, जिसने वर्ष 2015 में म्यांमार में जाकर एनएससीएन के खिलाफ ऑपरेशन किया था। 26 जनवरी 2020 को कर्नल संजय सिंह कार्की को बार टू सेना मेडल से सम्मानित किया गया। कर्नल कार्की को वर्ष 2006 में भी आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सेना मेडल से पुरस्कृत किया गया था।