इन दिनों आसन कंजरवेशन रिजर्व में उत्तराखंड स्प्रिंग बर्ड फेस्टिवल-2014 चल रहा है। यहां वन विभाग के अधिकारियों ने स्कूली छात्रों को पक्षियों के आवास और व्यवहार की जानकारी दी जा रही है।
इसके साथ ही यहां जाने के लिए निशुल्क बस सेवा भी उपलब्ध है। फेस्टिवल नौ फरवरी तक चलेगा।
आसन आने को मुफ्त बस सेवा
अगर आप इस वीकेंड यहां जाकर पक्षियों को नजदीक से देखना चाहते हैं तो आपको दून से आसन बैराज पहुंचने के लिए कोई भी चार्ज नहीं देना पड़ेगा।
आसन कंजरवेशन रिजर्व तक पहुंचने के लिए देहरादून स्थित द्रोण होटल से निशुल्क बस सेवा का लाभ भी उठा सकते हैं।
यह बस द्रोण होटल से सुबह सात, आठ दोपहर बारह और एक बजे आसन के लिए प्रस्थान करेगी। पर्यटकों के लिए घंटाघर, बिंदाल पुल, एफआरआई गेट पर भी स्टापेज बनाए गए हैं।
ईको टूरिज्म के डिप्टी रेंजर देवेंद्र काला ने बताया कि यह बस जीएमवीएन के सहयोग से चलाई जाएगी। यह फ्री सेवा केवल 7, 8 और 9 फरवरी के लिए है।
अधिकारियों ने बच्चों को दी जानकारी
फेस्टिवल में ईको टूरिज्म के डिप्टी रेंजर देवेंद्र काला ने कहा कि पक्षी पर्यावरण को संतुलित करने में भी बहुत बड़ा योगदान करते हैं। एक पक्षी के विलुप्त होने पर कई तरह की जड़ीबूटियां और पौधे भी विलुप्त हो जाते हैं।
आसन बैराज पहुंचने वालों में से ज्यादातर पक्षी माउंट एवरेस्ट को लांघकर कई किलोमीटर की दूरी तय कर यहां पहुंचते हैं। कार्यक्रम में सेंट मेरी कान्वेंट स्कूल, कार्मन स्कूल और सरस्वती विद्या मंदिर ढालीपुर के छात्रों ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर चकराता फारेस्ट डिविजन के रेंजर नीलम दास, डिप्टी रेंजर कातकू राम, फारेस्टर जेपीएस बिष्ट मौजूद थे।
बर्ड वॉचिंग है करोड़ों का कारोबार
ईको टूरिज्म के डिप्टी रेंजर देवेंद्र काला ने बताया कि बर्ड वॉचिंग सिर्फ एक शौक नहीं है बल्कि यह करोड़ों का कारोबार भी है।
यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में यह इकॉनामी की रीढ़ है। वातावरण के अनुकूल होने से इसे स्मोक लैस इंडस्ट्री भी कहते हैं। विदेशों में हर साल 40 प्रतिशत से अधिक पर्यटक महज चिड़ियां देखने जाते हैं।
प्रदर्शनी में दिखा पक्षियों का संसार
फेस्टिवल के शुक्रवार को रामपुर मंडी परिसर में प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रदेश के साथ ही अन्य प्रदेशों के पर्यटक और पक्षी विशेषज्ञ और नेचर गाइड हिस्सा लेंगे।