एक साल में चार से अधिक बार टीम संग नहीं जाएंगे प्रशिक्षक
राज्य एवं राष्ट्रीय खेल संघों की ओर से आयोजित राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अब सहायक प्रशिक्षक, उप खेल अधिकारी और जिला खेल अधिकारी एक साल में चार से अधिक बार शामिल नहीं हो सकेंगे। खेल निदेशक जितेंद्र कुमार सोनकर की ओर से जारी निर्देश में कहा गया कि इसके लिए भी खेल प्रशिक्षक को जिला खेल अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
बिना प्रशिक्षक के टीम का होगा नुकसान
खेल प्रशिक्षकों के मुताबिक, यदि बिना प्रशिक्षक के टीम जाएगी तो इससे कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में टीम को नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रतियोगिता के दौरान प्रशिक्षक टीम की जीत के लिए खिलाड़ियों को समय-समय पर जरूरी सुझाव देते हैं। यदि प्रशिक्षक को अपने खर्च पर टीम के साथ जाना पड़ेगा तो इनकार कर सकते हैं।
प्रशिक्षक का काम है, खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। कई प्रशिक्षक राज्य एवं राष्ट्रीय खेल संघाें की ओर से आयोजित प्रतियोगिताओं में 10 बार चले जाते हैं, जो खिलाड़ियाें को प्रशिक्षण देने के बजाए अधिकतर समय प्रतियोगिताओं के नाम पर गायब रहते हैं।
- जितेंद्र कुमार सोनकर, खेल निदेशक