जिलाधिकारियों की ओर से अत्यधिक वर्षा की आशंका, बर्फबारी या किसी आपदा की स्थिति में स्कूलों में अवकाश घोषित किया जाता है। इसका लाभ आंगनबाड़ी केंद्रों को नहीं मिल पाता, जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह वर्ष के बच्चे जाते हैं।
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उत्तराखंड में मौसम को देखते हुए जिलाधिकारियों की ओर से स्कूलों में विशेष अवकाश दिए जाने के प्रावधान में अब आंगनबाड़ी केंद्र भी शामिल होंगे। इस संबंध में शासन की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार के इस फैसले से 20 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राहत मिलेगी।
जिलाधिकारियों की ओर से अत्यधिक वर्षा की आशंका, बर्फबारी या किसी आपदा की स्थिति में स्कूलों में अवकाश घोषित किया जाता है। इसका लाभ आंगनबाड़ी केंद्रों को नहीं मिल पाता, जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह वर्ष के बच्चे जाते हैं।
अब सचिव व निदेशक महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास हरीश चंद सेमवाल ने निर्देश जारी कर कहा कि अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालयों, विभागीय भवनों या सार्वजनिक भवनों में संचालित हो रहे हैं। भविष्य में मौसम संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए स्कूलों की तरह आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश का आदेश एक साथ पारित किया जाए।