प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे और पूर्व सांसद बलराज पासी सोमवार को शहीद देव बहादुर के गांव गौरीकलां पहुंचे और परिजनों को ढांढस बढ़ाया। पांडे ने कहा कि सरकार शहीद के परिजनों के साथ खड़ी है। देश की रक्षा में कुर्बान होकर देव बहादुर ने प्रदेश के गौरव को बढ़ाया है और इस बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है।
उन्होंने गांव के स्कूल का नाम शहीद के नाम पर रखने का आश्वासन दिया। इसके अलावा गांव के पास देव बहादुर के नाम से स्टेडियम बनाने का भी भरोसा दिलाया। पासी ने शहीद को नमन करते हुए कहा कि देव बहादुर की शहादत देश की अखंडता के लिए कुर्बानी है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने भी गौरीकलां पहुंच कर शहीद के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना जताई।
शहीद के घर में नहीं जला चूल्हा
शहीद देव बहादुर के घर पुत्र के पार्थिव शरीर के इंतजार में चूल्हा नहीं जला है। मां लक्ष्मी देवी, बहन गीता व छोटा भाई अनुज का रो- रोकर बुरा हाल है। पड़ोस की महिलाएं उन्हें संभाल रही हैं। उनके समझाने का प्रयास करके थोड़ा बहुत खाना खिला रही है। बहन गीता विलाप करते करते हुए बार-बार कह रही है कि इस बार रक्षाबंधन में कैसे भाई को राखी बांधूंगी।