शहीद दस गढ़वाल राइफल के जवान सुरजीत सिंह का शव गांव में पहुंचने के बाद ग्रामीण शोकग्रस्त हो गए। शहीद की मां और परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्यूंण गांव निवासी सुरजीत सिंह वर्ष 2008 में सेना में शामिल हुए थे। वह इन दिनों जम्मू की अखनूर तहसील के पलावाला सेक्टर में तैनात थे। शनिवार को हुए अभ्यास सत्र के दौरान एक धमाके में वह शहीद हो गए। उनके पिता प्रेम सिंह की मौत दो दशक पूर्व हो गई थी, जबकि एक वर्ष पूर्व शहीद की पत्नी की भी मौत हो गई थी।
शहीद की दो शादीशुदा बहनें भी हैं। घर में मां विशेश्वरी देवी और बड़ा भाई महावीर राणा रहते हैं। इस घटना की सूचना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां विशेश्वरी देवी बेटे की मौत की सूचना के बाद से बदहवास पड़ी हैं। महावीर गांव में ही मेहनत मजदूरी करता है। महावीर ने बताया कि घर की पूरी जिम्मेदारी सुरजीत के कंधे पर ही थी और वह कुछ समय पहले ही छुट्टी लेकर गांव आया था। अब वह हमें बेसहारा छोड़कर चला गया है। शहीद का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से जौलीग्रांट देहरादून लाया गया। जहां से सड़क मार्ग से पार्थिव शरीर को पैतृक गांव ले जाया गया।