बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद उनकी माता सुरेशी देवी और पत्नी ऊषा का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद के बड़े भाई अनसूया प्रसाद पुरोहित गोपेश्वर में एक स्वयंसेवी संस्था में कार्यरत हैं।
गंडासू गांव के प्रधान पदम सिंह का कहना है कि शहीद जगदीश पुरोहित मिलनसार और बेहद हंसमुख थे। पिछले वर्ष दीवाली में वह घर आए थे। जगदीश के शहीद होने की सूचना के बाद से गांव में मातम पसरा है।