समाज कल्याण विभाग पारंपरिक कला ऐपण के माध्यम से लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करेगा। इसके लिए विभाग अपने कार्यालयों, स्कूल व हॉस्टलों की दीवारों पर ऐपण पेंटिंग बनाएगा। इसी हफ्ते से पेंटिंग बनाने का काम शुरू होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार की ओर से समाज कल्याण विभाग को नशामुक्ति कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जाएगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी हेमलता पांडे ने कार्यक्रम की शुरुआत की है।
इन संस्थानों में होगी ऐपण पेंटिंग
प्रथम चरण में सर्वे चौक स्थित जिला समाज कल्याण कार्यालय में ऐपण पेंटिंग कराने की योजना है। इसके बाद कंडोली स्थित विभाग के सरकारी हॉस्टल व भगत सिंह कॉलोनी स्थित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में होगी। इसके साथ ही छात्रों को ऐपण का महत्व भी बताया जाएगा।
ऐपण लोक कला
ऐपण उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक कला/चित्रकला है, जो देश-विदेश में भी खासी पसंद की जाती है। कुमाऊं में दीपावली, देवी पूजन, लक्ष्मी पूजन, यज्ञ, हवन, जनेऊ संस्कार, छठ कर्म, शिवपूजन, विवाह, व्रत-त्योहार में घर की चौखट व दीवारों पर ऐपण लोक कला बनाने की परंपरा है। इसमें घर के आंगन से मंदिरों तक के मार्ग में ऐपण कला बनाई जाती है। इसमें सबसे पहले गेरू से पुताई करते हैं। इसके बाद उसके ऊपर बिस्वार (चावल के आटे का घोल बनाकर) से चित्र बनाए जाते हैं। इन चित्रों को शुभ माना जाता है।