इधर, पतलोट में मुरकुड़िया के पास सोमवार को हैड़ाखान-खनस्यू-काठगोदाम मार्ग टूटकर 300 मीटर गहरी खाई में समा गया। इससे यातायात पूरी तरह से बंद हो गया। आवाजाही बंद होने से 100 ग्रामसभाओं के ग्रामीणों के काम अटक गए।
पिथौरागढ़-घाट ऑलवेदर सड़क पर इग्यारदेवी के पास आए मलबे को हटाने में लगभग दस से पंद्रह दिन लग सकते हैं। सोमवार को भी ऑलवेदर के साथ ही तोली रूट से भी वाहनों का संचालन किया गया। दिन में मलबा आने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।
मौसम पूर्वानुमान
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण बदरा अभी और बरसेंगे। 25 सौ मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। 25 फरवरी के बाद 29 फरवरी को बारिश होने की संभावना है। एक मार्च, चार और पांच मार्च को फिर बारिश हो सकती है।