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Uttarakhand: एसआईआर प्रपत्र में मिलीं पांच कमियां तो आएगा चुनाव आयोग का नोटिस, सॉफ्टवेयर करेगा छंटनी

Wed, 08 Jul 2026 11:22 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

एसआईआर प्रपत्र में पांच कमियां मिलीं तो चुनाव आयोग का नोटिस आएगा। करीब 18 लाख ऐसे मतदाता चिह्नित हैं। मतदाताओं को विसंगति से संबंधित जवाब का प्रमाण देना होगा।

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विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अगर आपने चुनाव आयोग का एसआईआर प्रपत्र भर दिया है तो भी आपको नोटिस आ सकता है। आयोग ऐसे करीब 18 लाख मतदाताओं का प्रपत्र में विसंगति के आधार पर नोटिस भेजने की तैयारी में है। इन नोटिस के हिसाब से मतदाताओं को अपने जवाब प्रमाण के साथ रखने होंगे।

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एसआईआर के दौरान मतदाताओं की मैपिंग में कुछ तकनीकी विसंगतियां सामने आई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इन त्रुटियों को स्पष्ट करते हुए इनके पांच प्रमुख कारणों की जानकारी दी है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि सॉफ्टवेयर अभी सभी एसआईआर प्रपत्रों की पांच पैमानों पर छंटनी कर रहा है।

छंटनी के बाद जो छोटी त्रुटियां होंगी, उनको छोड़ दिया जाएगा। अगर बड़ी विसंगतियां होंगी तो उन्हें नोटिस जारी होगा। नोटिस का जवाब देने के लिए सात से 10 दिन का समय दिया जाएगा। जवाब के साथ मतदाता को प्रमाण के तौर पर दस्तावेज भी दिखाने होंगे।

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इन पांच मानकों में कमी होने पर आएगा नोटिस

नाम में अंतर : मतदाता या उनके संबंधी के नाम में पिछले रिकॉर्ड और वर्तमान डेटा में भिन्नता होना।

न्यूनतम आयु का अंतर : माता-पिता और मतदाता की आयु में 15 वर्ष से कम का अंतर पाया जाना।

अधिकतम आयु का अंतर : माता-पिता के साथ प्रोजनी (संतान) के रूप में मैपिंग होने पर आयु का अंतर 50 वर्ष से अधिक होना।

प्रोजनी की संख्या : एक मतदाता के साथ छह से अधिक प्रोजनी की मैपिंग किया जाना।

पीढ़ीगत आयु का अंतर : दादा-दादी या नाना-नानी के साथ मैपिंग होने पर उनके और मतदाता के बीच 40 वर्ष से कम का आयु अंतर होना।

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आठ से 10 मतदान केंद्रों का एक एईआरओ

नोटिस पर सुनवाई की प्रक्रिया के लिए भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बड़ी तैयारी की है। डॉ. जोगदंडे ने बताया कि सभी को सीधे ईआरओ यानी एसडीएम कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। हर आठ से 10 मतदान केंद्रों पर एक एईआरओ तैनात किया जाएगा, जो वहीं सुनवाई करेगा। उन्होंने बताया कि मतदाताओं को परेशानी न हो, इसके लिए एक ईआरओ के साथ कई एईआरओ की टीम लगाई गई है।

 

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