पार्टी अनुशासन पर सवाल उठाते हुए नौटियाल ने कहा कि वे भाजपा में यह सोचकर आए थे कि यहां कड़ा अनुशासन है लेकिन हकीकत इसके उलट निकली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर आह्वान को उन्होंने दिल से निभाया, लेकिन पार्टी के भीतर ही कुछ लोग टिकट भी मांगते हैं और पीठ पीछे यह कहते हैं कि उनका इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के ही लोग अंदरूनी तौर पर अपने अनुसूचित जाति के मंत्री के खिलाफ सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन और बयानबाजी करते हैं।
अगले राजनीतिक कदम पर विचार
कांग्रेस या उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगाते हुए रामशरण नौटियाल ने कहा कि फिलहाल उन्होंने सिर्फ भाजपा छोड़ी है। किसी अन्य दल की सदस्यता नहीं ली है। उन्होंने कहा कि मैं स्वतंत्र व्यक्ति हूं। राजनीति में निजी स्वार्थ साधने नहीं आया। आगे की राह क्या होगी, इस पर सोच-विचार के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लूंगा।