विभागीय सूत्रों के मुताबिक चकराता में वन संरक्षक यमुना वृत्त डाॅ. विनय भार्गव की रिपोर्ट में हरे पेड़ों का व्यापक अवैध कटान मिला था। इसके अलावा माफिया तंत्र व वन कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई। इसके बाद अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे थे। अमर उजाला ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इसी के आधार पर सरकार ने जीरो टॉलरेंस अपनाते हुए डीएफओ कल्याणी का हटा दिया।
वहीं सीसीएफ निशांत वर्मा से भी नंदादेवी बायोस्फियर रिजर्व निदेशक का चार्ज वापस लेते हुए सीसीएफ मानव संसाधन, सीसीएफ वन्यजीव संरक्षण का चार्ज दिया गया है। वन संरक्षक धर्म सिंह मीणा से वन एवं पर्यावरण का दायित्व हटाते हुए वन संरक्षक भागीरथी वृत्त मुनि की रेती और निदेशक नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा राजाजी पार्क में उप निदेशक कहकशां नसीम को भी अपर सचिव वन बनाया गया है। वहीं उप वन संरक्षक डॉ. अभिलाषा को डीएफओ अपर यमुना डिवीजन बड़कोट का चार्ज दिया गया है।