सचिवालय संघ ने लंबित मांगों के समर्थन नौ अक्तूबर से आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। इस आंदोलन में सभी संवर्गीय संघों का सचिवालय संघ को समर्थन रहेगा। 15 अक्तूबर से सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। संघ ने अल्टीमेटम दिया है कि इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो आंदोलन ओर तेज किया जाएगा।
सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी और महासचिव राकेश जोशी ने बताया कि सभी संवर्गीय संघों की ओर से आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए सचिवालय संघ को अधिकृत किया गया। आंदोलन का निर्णय लेने से पहले सचिवालय संघ ने संवाद के जरिये कार्मिकों की मांगों का समाधान का प्रयास किया है। लेकिन संघ को वार्ता के लिए समय न देने से ऐसा लगता है कि सरकार व शासन कार्मिकों की मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ के शपथ ग्रहण समारोह में सीएम ने घोषणा की थी कि कार्मिकों दी जा रही सुविधाओं में कोई कटौती नहीं की जाएगी।
साथ ही मुख्य सचिव स्तर पर प्रत्येक तीन माह में संघ के साथ वार्ता की जाएगी। अब संघ ने निर्णय लिया है कि नौ और 12 अक्तूबर को सभी संवर्गीय कर्मचारी सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक सचिवालय परिसर में धरना देंगे। 15 अक्तूबर को सामूहिक अवकाश पर जाने की घोषणा की जाएगी। बैठक में संयुक्त सचिव बच्ची सिंह बिष्ट, संदीप यादव, कोषाध्यक्ष नरेंद्र भट्ट, प्रचार सचिव चंदन बिष्ट, राजीव नयन पांडे, निर्मल कुमार, हरिशंकर पांडे, लालमणि जोशी, जोगेंद्र सिंह, विनय पंत, अरविंद कुमार आदि मौजूद थे।
ये हैं सचिवालय कार्मिकों की मांगें
-सभी रिक्त पदों पर डीपीसी करना।
-सचिवालय संवर्ग के पांच कार्मिकों की वरिष्ठता को लेकर जारी आदेश निरस्त करना।
-समीक्षा अधिकारी व अपर निजी सचिव को 5400 ग्रेड वेतन।
-सचिवालय सेवा के लिए सृजित अपर सचिव पदों को यथावत रखना।
-सचिवालय परिचारक व रक्षकों को पूर्व सेवा के अनुसार एसीपी का लाभ।
-संविदा पर कार्यरत वाहन चालकों का नियमितीकरण।
-सचिवालय में अग्निशमन दल का गठन।