शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक स्कूल खुलने से पहले एसओपी जारी की जाएगी। इसके बाद कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए स्कूलों को खोला जाएगा।
एक से पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों पर अभी नहीं लिया गया निर्णय
प्रदेश में एक से पांचवीं कक्षा तक के स्कूल अभी बंद रहेंगे। इन स्कूलों को खोले जाने को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ। इन स्कूलों के बच्चों की ऑनलाइन क्लास जारी रहेगी।
कैबिनेट फैसले से प्रदेश में खुलेंगे नौ हजार से अधिक स्कूल
कैबिनेट के इस फैसले से प्रदेश में छह से 12 वीं तक नौ हजार से अधिक स्कूल खेलेंगे। जिनमें उच्च प्राथमिक सरकारी, अशासकीय और प्राइवेट स्कूलों की संख्या 5452 है। जबकि 1354 हाईस्कूल और 2479 इंटरमीडिएट कॉलेज हैं।
निजी स्कूलों में 10वीं व 12वीं बोर्ड के छात्रों की प्रैक्टिकल कक्षाएं शुरू हो रही हैं। प्रैक्टिकल कक्षाओं में छात्रों को स्कूल बुलाने के लिए अब ऑनलाइन कक्षाएं बंद करने पर विचार किया रहा है। 10वीं व 12वीं की अब सिर्फ ऑफलाइन कक्षाएं ही चलेंगी। कई स्कूलों ने इसकी तैयारी भी कर ली है।
शीतकालीन अवकाश के बाद निजी स्कूल खुल गए हैं। धीरे-धीरे स्कूलों में छात्रों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। इसे देखते हुए स्कूल अब ऑनलाइन कक्षा के विकल्प को जरूरी नहीं बता रहे हैं। उनका कहना है कि बोर्ड के छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं जरूरी हैं। अब शत प्रतिशत छात्रों को स्कूल आने की जरूरत है। ताकि, प्रैक्टिकल समय पर पूरे कराए जा सकें।
स्कूलों में 10वीं व 12वीं के छात्रों के लिए प्रैक्टिकल कक्षाएं शुरू की जा रही हैं। प्रैक्टिकल कक्षाओं में छात्रों को आना जरूरी होता है। इसलिए अधिकांश स्कूल अब ऑनलाइन कक्षाएं बंद करने जा रहे हैं। स्कोलर्स होम जाखन में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। शीतकालीन अवकाश के बाद छात्रों की उपस्थिति भी 40 से 50 प्रतिशत तक पहुंची है। हमारा मकसद है कि छात्र ऑफलाइन कक्षाओं का अधिक से अधिक लाभ ले सकें। - छाया खन्ना, अध्यक्ष, सीबीएसई सहोदय कॉन्फ्लेक्स एवं प्रिंसिपल स्कोलर्स होम