-सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए बच्चों को सुबह स्कूल में प्रवेश और छुट्टी के समय एक साथ नहीं छोड़ा जाएगा
-ऐसे स्कूल जो बच्चों के घर से स्कूल आने एवं वापस घर पहुंचाने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराते हैं, उन्हें वाहन में सामाजिक दूरी का पालन कराना होगा।
-हर दिन वाहन को सैनिटाइज करना होगा
-स्कूलों में प्रार्थना सभा, बाल सभा, खेल, संगीत, सांस्कृति कार्यक्रम एवं अन्य सामूहिक गतिविधयां जिनसे कोविड का खतरा हो सकता है अगले आदेश तक नहीं होंगी
-स्कूल प्रबंधन की ओर से स्कूल खुलने के बावजूद बच्चों से ट्यूशन फीस के अलावा कोई अन्य फीस नहीं ली जाएगी।
-बच्चों को अगले आदेशों तक पका हुआ भोजन भी नहीं दिया जाएगा।
स्कूलों को आंतरिक एसओपी करनी होगी तैयार
शिक्षा सचिव राधिका झा ने प्रत्येक विद्यालय जिसमें निजी विद्यालय भी शामिल हैं। उन्हें आंतरिक एसओपी तैयार करनी होगी। जिसके अनुसार स्कूल का संचालन किया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अगली बैठक में निजी स्कूल शत प्रतिशत प्रतिभाग करें। शिक्षा सचिव ने निर्देश दिए कि बोर्डिंग एवं डे-बोर्डिंग स्कूलों में आवासीय परिसर में निवास करने वाले छात्र-छात्राओं एवं स्कूल स्टाफ को अधिकतम 48 घंटे पहले आरटीपीसीआर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी जरूरी होगी। इसके बाद ही उन्हें स्कूल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
शिक्षकों और कर्मचारियों का कराना होगा वैक्सीनेशन
बोर्डिंग एवं डे बोर्डिंग स्कूलों के प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य, समस्त शिक्षक, कर्मचारी, मैट्रन, आवासीय परिसर के समस्त स्टाफ एवं स्कूल में अन्य सेवाओं से जुड़े हुए समस्त कर्मचारियों की वैक्सीनेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यदि किसी का वैक्सीनेशन न हुआ हो तो संबंधित स्कूल प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य स्वास्थ्य विभाग को ऐसे शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराएंगे। शिक्षा सचिव ने डेंगू के खतरे को देखते हुए स्कूल में छात्र को फुल बाजू की पेंट, शर्ट एवं छात्राओं को सलवार कमीज पहनकर स्कूल आने के निर्देश दिए हैं।