यही नहीं कई शिक्षण संस्थानों की करोड़ों रुपये की संपत्तियों को भी अटैच किया जा चुका है। करीब दो से ढाई साल की जांच के बाद ईडी ने आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट-2002 (पीएमएलए) के तहत पहले दौर की एक चार्जशीट स्पेशल ईडी कोर्ट में दाखिल की थी।
आरोप है कि इन्होंने घोटाले से प्राप्त धन को मनी लॉन्ड्रिंग में भी लगाया है। आरोपियों में वली ग्रामोद्योग विकास संस्थान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल, सचिव संजय बंसल, कोषाध्यक्ष नरुद्दीन गाजी, तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर, गीताराम नौटियाल, सहायक समाज कल्याण अधिकारी सोमप्रकाश, मुनेश कुमार और विनोद कुमार नैथानी शामिल हैं। इस चार्जशीट पर स्पेशल जज ईडी प्रेम सिंह खिमाल की कोर्ट ने संज्ञान लिया। चार्जशीट पर सुनवाई के बाद कोर्ट अब इन सभी आरोपियों को समन जारी करेगा।