आध्यात्मिक गुरु ने सुनाई एक नंबर से पीछे रहने वाले दोस्त की कहानी
'उजाला देने वाली अग्नि होती है। यानी फायर। फायर का पहला एफ है फोकस। मन भटकता है, मन परेशान करता है। इसके लिए चाहिए फोकस। आज 30 करोड़ लोग अवसाद के शिकार हैं। प्रतिदिन 370 लोग आत्महत्या कर रहे हैं। मैं जब आईआईटी में था, तब मेरा दोस्त टॉपर था। अचानक उसने एक दिन आत्महत्या की कोशिश की। मैं चकरा गया। मैंने कहा कि आप तो टॉपर हो, आपने यह प्रयास क्यों किया। वह कहता है कि हमेशा मुझे गोल्ड मेडल की आदत थी, इस बार सिल्वर मिला तो मुझसे रहा गया नहीं गया।
आज का समाज तुलना करने वाला बन गया
'यह विज्ञापन का जमाना हो गया है। एक हमारे मित्र किसी कॉन्फ्रेंस में गए। किसी ने बिजनेस कार्ड दिया। नाम के नीचे शिक्षा लिखी हुई थी पीएचडी, बीएफ। मतलब पूछा तो बताया कि पीएचडी बट फेल। पूछने पर कहा कि हमारे पिताजी की इच्छा थी कि हम पीएचडी बनें, लेकिन तीन साल बाद पता चला कि हमसे होगा नहीं। इसलिए हम निकल गए। फिर भी लोग बोलते थे तो मैंने कार्ड पर सच लिख दिया। अब लोगों को लगता है कि यह पीएचडी के आगे की कोई डिग्री है। जितना हम कम्पेयर करेंगे, उतना हम यह नहीं जान पाएंगे कि हम क्या कर सकते हैं। जो कर सकते हैं, वह भी ठीक तरह से नहीं कर पाएंगे।'
क्रोध की एक कहानी सुनाई
'फायर में आर के मायने हैं रेजिलिएंस। एक बार जेल में प्रोग्राम हुआ तो कैदी ने कहा कि मंच पर आकर सवाल पूछूंगा। उसने 12 मर्डर किए थे। मैंने कहा कि इतनी कम उम्र में कैसे इतने जुर्म कर दिए। उसने कहा कि जब क्रोध का पारा चढ़ता है तो मन पर अंधकार छा जाता है। उस आवेश में आकर मैंने क्या-क्या कर दिया।