विभिन्न मांगों पर कार्रवाई न होने के विरोध में अब उत्तरांचल रोडवेज इंप्लाइज यूनियन भी उतर आई है। यूनियन ने आठ जनवरी तक मांगें न माने जाने पर 11 जनवरी से कार्यबहिष्कार, क्रमिक अनशन की चेतावनी दी है। इस संबंध में यूनियन ने रोडवेज एमडी को ज्ञापन दिया है।
उत्तरांचल रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र सिंह भगत और महामंत्री रविनंदन कुमार ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि पूर्व में द्विपक्षीय वार्ता में आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने आंदोलन स्थगित किया था लेकिन उन बिंदुओं पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेताया है कि अगर आठ जनवरी तक उनकी सभी मांगों पर कार्रवाई न की गई तो वह 11 जनवरी से आंदोलन, कार्यबहिष्कार, क्रमिक अनशन और धरना शुरू कर देंगे।
यह हैं मांगें-
-सभी कर्मचारियों को अगस्त, सितंबर, अक्तूबर और नवंबर माह का वेतन जारी किया जाए।
-निगम मुख्यालय के विशेष ऑडिट पर आदेश के बाद एसीपी को ग्रेड वेतन 4200 से घटाकर 2800 करने की जो कार्रवाई की जा रही है, उस पर तत्काल रोक लगाई जाए। 4200 ग्रेड वेतन यथावत रखा जाए।
-मंडलीय, डिपो कार्यालय में वाह्य श्रेणी के अंतर्गत कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों का पदनाम दैनिक वेतन भोगी, संविदा, अंशकालिक तदर्थ, वर्कचार्ज किया जाए।
-उच्च न्यायालय की ओर से 23 सितंबर और 27 नवंबर को संविदा चालकों और परिचालकों को जो राहत प्रदान की गई है, उसके तहत ऐसे कार्मिकों के वेतन भुगतान के संबंध में अलग से निर्देश जारी किए जाएं।
-परिवहन निगम में प्रोन्नति के माध्यम से भरे जाने वाले सभी संवर्ग के रिक्त पदों पर शीघ्र प्रोन्नति की कार्रवाई की जाए।
-निगम के संविदा और विशेष श्रेणी के सभी चालकों, परिचालकों के साथ ही कार्यशाला में तैनात बाह्य स्त्रोत तकनीकी कर्मचारियों को पूर्व की भांति सभी वित्तीय लाभ देते हुए वेतन भुगतान किया जाए।
-कनिष्ठ लिपिक से सहायक यातायात का काम लेने पर परिवहन निगम ने डिपो और जिले से बाहर ट्रांसफर को जो आदेश जारी किया है, उसमें शिथिलता प्रदान की जाए।
-निगम की ओर से छह नवंबर को जारी पत्र में चालक-परिचालकों के 280 किलोमीटर प्रतिदिन की जो शर्त रखी गई है, उसे पूर्व की भांति किया जाए।
-निगम की छवि धूमिल करने वाले दो परिचालकों को सेवा मुक्त किया जाए।