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Uttarakhand: रोडवेज कर्मचारियों के लिए राहत की खबर...महंगाई भत्ता बढ़ा, होगा 10 लाख का दुर्घटना बीमा

Wed, 01 Mar 2023 08:32 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

परिवहन निगम ने 33वीं बोर्ड बैठक में पांच अहम प्रस्तावों पर मुहर लगा दी। हालांकि दो प्रस्तावों को न लाने पर परिवहन कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने विरोध भी जताया है।
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रोडवेज कर्मचारियों का भत्ता बढ़ा(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
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विस्तार
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रोडवेज कर्मचारियों को परिवहन निगम ने बड़ी राहत दी है। एक ओर जहां कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा दिया गया है तो दूसरी ओर उनका दुर्घटना बीमा भी होगा। बुधवार को परिवहन निगम बोर्ड बैठक अपर मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में बताया गया कि पर्वतीय मार्गों के लिए डीजलयुक्त 60 बसों को पहले ही खरीदने की अनुमति दी गई थी।

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अब बीएस-6 मॉडल की 40 बसें और खरीदने पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है। बोर्ड ने परिवहन निगम के नियमित कार्मिकों के महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए 34 प्रतिशत से बढ़ाकर 38 प्रतिशत करने पर सहमति दे दी।
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बोर्ड बैठक में तय हुआ कि नियमितक कर्मचारियों को मकान किराए भत्ते की दर में संशोधन होगा। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि सभी संविदा, आउटसोर्स, विशेष श्रेणी के चालक, परिचालकों की बेसिक दरों में 10 प्रतिशत और आधार दरों में बढ़ोतरी की जाएगी।

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बोर्ड बैठक में डाक विभाग की ओर से कर्मचारियां को दुर्घटना बीमा का लाभ देने की अनुमति दी गई। दुर्घटना में मृत्यु, पूर्ण दिव्यांग और स्थायी रूप से आंशिक दिव्यांग होने की दशा में कर्मचारियों या उनके आश्रितों को बीमा योजना के तहत 10 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान किया जाएगा। बोर्ड बैठक में सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी, अपर सचिव मेजर योगेंद्र यादव, अपर सचिव वित्त डा. अहमद इकबाल, परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक रोहित मीणा मौजूद रहे।

दो प्रस्ताव बोर्ड बैठक में न लाने पर विरोध
परिवहन संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने बोर्ड बैठक में दो प्रस्ताव न लाने पर विरोध जताया है। मोर्चा संयोजक अशोक चौधरी ने कहा कि हड़ताल के वक्त मोर्चा के साथ बैठक में यह तय हुआ था कि कम से कम 10 साल सेवाएं देने वाले संविदाकर्मियों को सेवानिवृत्ति पर दो लाख रुपये की राशि दी जाएगी, जिसका प्रस्ताव बैठक में नहीं लाया गया। दूसरा, यह तय हुआ था कि परिवहन निगम बस बेड़ा बनाए रखने के लिए हर महीने 15 से 20 रोडवेज बसें खरीदेगा। चौधरी के मुताबिक, जल्द ही इस मामले में मोर्चा की बैठक बुलाई जाएगी और विरोध की रणनीति तय की जाएगी।
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