परिवहन निगम की ओर से अशोक लेलैंड कंपनी से खरीदी जाने वाली 150 बसें सीआईआरटी पुणे के तकनीकी विशेषज्ञों की जांच में खरी उतरी हैं। इससे बसों की खरीद का रास्ता साफ हो गया है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि बसें जल्द बेड़े में शामिल होंगी।
बता दें कि टाटा बसों में उजागर खामियाें के बाद परिवहन निगम ने फैसला लिया था कि बसों की जांच करते समय चालकों की टीम को भेजा जाएगा। लेकिन चालकों को अशोक लेलैंड कंपनी नहीं भेजा गया।
500 बसें और खरीदे प्रबंधन
परिवहन निगम कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि परिवहन निगम प्रबंधन को 500 और बसें खरीदनी होगी। कारण कि इन 300 बसों से कुछ नही होने वाला है। परिवहन निगम के बेड़े से हर साल 180 बसें बाहर हो रही है। ऐसे में साल दर साल बसें कम हो रही है। निगम में कम से कम 2000 बसों की जरूरत है। जबकि वर्तमान में सिर्फ 1364 बसें ही है।
- अशोक चौधरी, प्रदेश महामंत्री , उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन
अशोक लेलैेंड से खरीदी जाने वाली बसों की तकनीकी जांच पूरी कर ली गई है। जांच में बसें तमाम निर्धारित मानकों पर खरी पायी गई हैं। डिस्प्ले बोर्ड थोड़ा आगे था जिसेे और पीछे करने को कहा गया है। इसके अलावा बस तमाम मानकों पर खरी उतरी है। उम्मीद है कि कंपनी द्वारा 150 बसों की आपूर्ति जल्द की जाएगी। जिसकी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।